मूल शब्दावली
चार्ल्स पेरो द्वारा प्रकाशित विश्वप्रसिद्ध लोककथा, दुर्भाग्यशाली सिंड्रेला और उसके सुख की राह के बारे में।
चार्ल्स पेरो द्वारा प्रकाशित विश्वप्रसिद्ध लोककथा, दुर्भाग्यशाली सिंड्रेला और उसके सुख की राह के बारे में।
उसने कुल्हाड़ी और गैंती मँगवाई ताकि वह कबूतरखाने को तोड़ सके, पर भीतर कोई नहीं था। जब वे घर पहुँचे तो सिंड्रेला राख में पड़ी थी, अपने मैले कपड़े पहने हुए। चूल्हे में एक धुँधली-सी छोटी तेल की बत्ती जल रही थी। सिंड्रेला जल्दी से कबूतरखाने के पीछे की ओर से नीचे कूद गई और हेज़ल के पेड़ की ओर दौड़ पड़ी। वहाँ उसने अपने सुंदर कपड़े उतारकर कब्र पर रख दिए, और पक्षी उन्हें फिर से उठा ले गया। फिर, अपनी धूसर कमीज़ पहने, वह रसोई की राख के पास लौट आई।
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सिंड्रेला; भाग II अंग्रेजी में
सिंड्रेला; भाग II स्पेनिश में
सिंड्रेला; भाग II जर्मन में
सिंड्रेला; भाग II स्वीडिश में
सिंड्रेला; भाग II इतालवी में
सिंड्रेला; भाग II जापानी में
सिंड्रेला; भाग II कोरियाई में
सिंड्रेला; भाग II पुर्तगाली में
सिंड्रेला; भाग II फ्रेंच में
सिंड्रेला; भाग II तुर्किश में
सिंड्रेला; भाग II हिंदी में