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करुणा और एकता की एक चीनी लोककथा
करुणा और एकता की एक चीनी लोककथा
बहुत समय पहले, एक अमीर आदमी था जिसकी आँखों में बीमारी थी। कई वर्षों तक दर्द इतना भयानक था कि वह रात में सो नहीं पाता था। वह हर उस डॉक्टर के पास गया जिसे वह ढूँढ़ सकता था, लेकिन उनमें से कोई भी उसकी मदद नहीं कर सका।
"मेरे सारे पैसे का क्या फायदा?" वह कराह उठा।
आखिरकार, वह इतना निराश हो गया कि उसने शहर भर में ढिंढोरे पिटवाए और जो कोई भी उसे ठीक कर दे, उसे इनाम देने की पेशकश की।
अब, उसी शहर में एक बूढ़ा मिठाई बेचने वाला रहता था। वह अपनी मिठाइयों की टोकरियाँ बेचते हुए घूमता था, लेकिन वह इतना दयालु था कि जितना बेचता उतना ही बाँट भी देता, इसलिए वह हमेशा गरीब रहता था।