मूल शब्दावली
एक खोई हुई बालियों और नई दोस्ती की दिल को छू लेने वाली कहानी।
एक खोई हुई बालियों और नई दोस्ती की दिल को छू लेने वाली कहानी।
एक धूप भरी दोपहर, लैया को पार्क में एक बाली मिली। उसने छोटी, चांदी की बाली को सूरज की ओर उठाया। उसकी चमक ने उसे मुस्कुराने पर मजबूर कर दिया।
"मुझे आश्चर्य है कि यह किसकी खोई है?" लैया ने सोचा।
तभी, उसका दोस्त नूह दौड़ता हुआ आया। "तुम्हारे पास क्या है, लैया?" उसने पूछा।
लैया ने उसे दिखाया, कहते हुए, "मुझे यह बाली घास पर मिली। क्या तुम किसी को जानते हो जिसने इसे खोया है?"
नूह ने कंधे उचकाए और कहा कि वह नहीं जानता, लेकिन वे पूछ सकते हैं।